संधान एवं एसोसिएशन आफ न्यूरोसाइंसेज की पहल
भिलाई। आयु जनित रोगों के प्रति जन जागरूकता लाने के उद्देश्य से संधान संस्थान एवं एसोशिएशन आॅफ न्यूरो साइंसेस द्वारा आरोग्य निकेतन स्मृतिनगर में कालीबाड़ी कल्याण समिति के सहयोग से एक स्वास्थ्य परिचर्चा सम्पन्न हुई। दुर्ग-भिलाई में विषय विशेषज्ञों के व्याख्यानों-परिचर्चाओं की आरम्भ शृंखला के अंतर्गत इस आठवीं परिचर्चा में 125 वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसन्धान केंद्र भिलाई के वरिष्ट उप निदेशक व अस्थि रोग विशेषज्ञ डा अनुपम लाल ने बढ़ती आयु के साथ शरीर की हड्डियों व नसों (मसल्स) में उत्पन्न होने वाले विकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। हड्डियों की कमजोरी (ओस्टोपोरोसिस) के कारणों को बतलाते हुए उन्होंने ऐसे रोगियों को अपनी हड्डियों को टूटने से बचाने के लिए सजकता से अपने दैनिक कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने नियमित योग-व्यायाम तथा केल्सियम व विटामिन सी एवं इ युक्त संतुलित भोजन को अस्थि विकारों से यथा संभव बचने का मार्ग बतलाया। उन्होंने उन सरल व्यायामों का प्रदर्शन भी किया जिन के नियमित अभ्यास से घुटनों के दर्द से बचाव व राहत मिल सकती है।
चंदूलाल अस्पताल के न्यूरो सर्जन डा राजन तिवारी ने गर्दन के संधि विकार (सेरिब्रल स्पोंडोलायसिस) के कारणों, निदान, बचाव तथा उपचार को विस्तार से स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि बढ़ती आयु के साथ डिस्क में द्रव की कमी से कशेरूकाओं के परस्पर नजदीक आने से नसों पर दबाब के कारण स्पोंडोलायसिस की स्थिति व्यक्ति में विकसित होती है। उन्होंने बतलाया की शुरुआती चरण में इस विकार के निदान होने पर इसका शत प्रतिशत इलाज संभव है। इस विकार से बचने के लिए उन्होंने एक व्यायाम का प्रदर्शन भी किया।
जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसन्धान केंद्र भिलाई के निदेशक डा शैलेन्द्र कुमार जैन ने प्रश्नोत्तर सत्र की अध्यक्षता करते हुए बुजुर्गों को बेहतर स्वाथ्य के लिए नियमित हल्के व्यायाम करने, संतुलित भोजन लेने व मानसिक सक्रियता हेतु रचनात्मक कार्यों में व्यस्त रहने की सलाह दी।
परिचर्चा के प्रश्नोत्तर सत्र में जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसन्धान केंद्र भिलाई के संयुक्त निदेशक व नेत्र रोग इकाई के प्रमुख डा आनंद वी देशपांडे ने मधुमेंह रोगियों को हर वर्ष अपनी आँखों की जांच करने की उन्होंने सलाह दी। प्रसिद्ध न्यूरो रोग विशेषज्ञ डा नचिकेत दीक्षित ने पलकों की नसों व मसल्स की कमजोरी होने वाली दिक्कतों को बतलाया। जाने-माने फिजिशियन डा टी के पाण्डे ने मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों के खान-पान से जुड़ी भ्रांतियों को स्पष्ट किया। सेक्टर-9 चिकित्सालय के उदर रोग विशेषज्ञ डा जीवन लाल ने पीलिया रोग के प्रकारों की चर्चा करते हुए इस रोग से बचने के उपाय व सावधानियां बतलाई।
आरम्भ में कालीबाड़ी कल्याण समिति के अध्यक्ष बी एम के बाजपेयी ने विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए ऐसी परिचर्चाओं को निरंतर जारी रखने का मत व्यक्त किया। संस्था के उपाध्यक्ष आर एन पाल, सचिव ए के रॉयचौधरी, एस के दास ने पुष्पहारों से विशेषज्ञों का स्वागत किया। अध्यक्ष बी एम के बाजपेयी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए। संधान संस्थान के सचिव प्रो डी एन शर्मा ने परिचर्चा का सञ्चालन किया तथा उपस्थित प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर समाजसेवी अभय राम तिवारी, बी एस पी के पूर्व महाप्रवंधक के के सिंघल, डा पी के श्रीवास्तव, डा अंजना श्रीवास्तव, डा जी पी शर्मा, डा हरिनारायण दुबे, महेश चतुर्वेदी, घनश्याम देवांगन, डी पी दास, बिमान भट्टाचार्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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