बुढ़ापे की लाठी के बारे में तो आप सबने सुना हुआ है किन्तु बुढ़ापे की कुर्सी कैसी होनी चाहिए इसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है। या फिर पता है भी तो वे उसकी परवाह नहीं करते। चलिए हम यहां आपको बताते हैं कि बुढ़ापे की कुर्सी कैसी होनी चाहिए?
स्पोर्ट्स मेडिसिन तथा अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ अनुपम लाल बताते हैं कि बुढ़ापे में किसी भी स्थिति में आपके घुटने 90 अंश से कम कोण तक नहीं मुड़ने चाहिए। इससे आपको चोट लग सकती है। वे बताते हैं कि यदि आप नीचे बैठकर पूजा करते हैं तो बेहतर होगा कि भगवान को थोड़ा और ऊंचा आसन दें और फिर खुद भी किसी चौकी पर बैठकर पूजा करें। घुटनों को ज्यादा मुड़ने से बचाने के लिए वेस्टर्न कमोड का इस्तेमाल करें। ज्यादा धंसने वाले सोफों पर न बैठें। बुढ़ापे में बेहद हल्के फुल्के व्यायाम करने की सलाह देते हुए डॉ लाल बताते हैं कि यह शरीर की डीजनरेट्वि स्टेज है जहां अधिकांश तकलीफें शरीर के अंगों में हो रहे क्षरण (घिसावट) की वजह से होती हैं। यदि हम दर्द होने के बावजूद पेनकिलर लेकर काम करते रहते हैं तो इससे समस्या बढ़ सकती है। वे तो यहां तक कहते हैं कि यदि घुटनों में दर्द हो, चलने फिरने में कोई समस्या आ रही हो तो वाकिंग को भी विराम दे देना चाहिए। डॉ लाल स्मृति नगर आरोग्य निकेतन में संधान एवं एसोसिएशन आॅफ न्यूरोसाइंसेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता शिविर को संबोधित कर रहे थे। आगामी अंकों में पढ़ें शिविर में उपस्थित अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों ने क्या क्या कहा...
स्पोर्ट्स मेडिसिन तथा अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ अनुपम लाल बताते हैं कि बुढ़ापे में किसी भी स्थिति में आपके घुटने 90 अंश से कम कोण तक नहीं मुड़ने चाहिए। इससे आपको चोट लग सकती है। वे बताते हैं कि यदि आप नीचे बैठकर पूजा करते हैं तो बेहतर होगा कि भगवान को थोड़ा और ऊंचा आसन दें और फिर खुद भी किसी चौकी पर बैठकर पूजा करें। घुटनों को ज्यादा मुड़ने से बचाने के लिए वेस्टर्न कमोड का इस्तेमाल करें। ज्यादा धंसने वाले सोफों पर न बैठें। बुढ़ापे में बेहद हल्के फुल्के व्यायाम करने की सलाह देते हुए डॉ लाल बताते हैं कि यह शरीर की डीजनरेट्वि स्टेज है जहां अधिकांश तकलीफें शरीर के अंगों में हो रहे क्षरण (घिसावट) की वजह से होती हैं। यदि हम दर्द होने के बावजूद पेनकिलर लेकर काम करते रहते हैं तो इससे समस्या बढ़ सकती है। वे तो यहां तक कहते हैं कि यदि घुटनों में दर्द हो, चलने फिरने में कोई समस्या आ रही हो तो वाकिंग को भी विराम दे देना चाहिए। डॉ लाल स्मृति नगर आरोग्य निकेतन में संधान एवं एसोसिएशन आॅफ न्यूरोसाइंसेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता शिविर को संबोधित कर रहे थे। आगामी अंकों में पढ़ें शिविर में उपस्थित अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों ने क्या क्या कहा...
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